sangeeta singh bhavna

Just another Jagranjunction Blogs weblog

22 Posts

1709 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 23046 postid : 1208508

-''तलाक की पीड़ा ''

Posted On: 19 Jul, 2016 में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

विवाह मात्र दो शरीरों का मिलन नहीं बल्कि दो परिवारों,सामाजिक,आर्थिक,धार्मिक तथा सांस्कृतिक परिवेशों का मिलन है | इस मिलन से बने संबंध हमारे जीवन के हर सुख-दुख में हमारा साथ निभाते हैं | पर कभी-कभी एक क्षण ऐसा भी आता है कि इस विवाह से जुड़े रिश्ते के साथ जीवन जीना दूभर हो जाता है ,जो पति-पत्नी कल तक एक दूसरे के सुख-दुख में एक दूसरे के साथ थे ,वे अचानक एक -दूसरे को देखना तक पसंद नहीं करते और एक समय ऐसा आता है कि उनका एक छत के नीचे निर्वाह मुश्किल हो जाता है ,तब सिर्फ और सिर्फ एक ही रास्ता सूझता है ,और वो रास्ता है तलाक का ……! हमारे समाज में आज भी तलाक़शुदा स्त्री-पुरुष को इज्जत की दृष्टि से नहीं देखा जाता | जहां तक मेरा मानना है कि कोई भी स्त्री ताबतक अपना संबंध बचाती है जब तक की एकदम से असहनीय न हो जाए | तलाक की बात करना जितना आसान लगता है वास्तव में यह उतना ही कठिन व तकलीफ़देह होता है | तलाक की प्रक्रिया इतनी जटिल व लंबी होती है कि व्यक्ति मानसिक रूप से टूट जाता है ,और इसका सबसे ज्यादा बुरा प्रभाव तो बच्चों पर पड़ता है ,अगर बच्चे नहीं भी हैं तो भी वह सामाजिक उपेक्षा का भी कारण बनता है | ऐसे में प्रयास तो यही करना चाहिए की आपसी सूझबूझ व सहयोग से झगड़ों का निबटारा कर लिया जाए | लेकिन कई बार स्थिति बेकाबू हो जाती है और उन परिस्थितियों में तलाक ही उचित व अंतिम विकल्प बच जाता है | जहां एक ओर स्त्रीयों ने पढ़-लिख कर अपना एक अलग मुकाम बनाया है तो जाहीर है उनकी सोच में भी बहुत अंतर आया है ,वही दूसरी ओर पुरुष आज भी स्त्री को उसी परंपरा के घेरे में देखना चाहता है ,जो तलाक का सबसे बड़ा कारण बनता है | तलाक़शुदा स्त्री-पुरुष को समाज में आज भी उपेक्षित नजरों से देखा जाता है ,और तलाक के बाद कोई जरूरी नहीं कि दुबारा सब अच्छा ही हो | कई बार तो स्थिति पहले से भी बदतर हो जाती है ,,ऐसे में बेहतर तरीका तो यही है कि थोड़ा सा संयम और धैर्य से वैवाहिक जीवन बचाया जाए ताकि एक स्वस्थ समाज व स्वस्थ परिवार की रचना हो | आज के तेजी से बदलते परिवेश में करीब-करीब रोज ही अनगिनत शादियाँ तलाक की बलि चढ़ रही हैं ,इसका सबसे बड़ा कारण रिश्तों में धैर्य एवं सहनशीलता का अभाव है | दुनियाँ में कोई ऐसा इंसान नहीं जिसमें सिर्फ अच्छाइयाँ ही हो,हर इंसान में कुछ न कुछ अच्छाई-बुराई होती ही है | और फिर यह जरूरी भी तो नहीं कि तलाक के बाद जीवन बिलकुल सुखमय हो जाएगा | वैवाहिक जीवन के रिश्ते भावनाओं की नीव पर खड़े होते हैं , यह कोई गुड्डे-गुड़िया का खेल नहीं कि जब तक चाहा तब तक खेले और फिर परे झटक दिया | देश में हर साल एक करोड़ से भी अधिक जोड़े विवाह बंधन में बंधते हैं ,पर तलाक के केस भी उसी रफ्तार से बढ़ रहे हैं | अब कानून भी विवाहित जोड़ों को आसानी से संबंध-विच्छेद करने में सहायताकर रहा है | पहले लोग समाज में जगहंसाई के चलते इस बात पर ज्यादा नहीं सोच पाते थे और जिससे भी शादी होती थी अपने भाग्य का अंश समझकर सहज स्वीकार लेते थे,पर अब तलाक लेना परिवार का मामला न होकर पति-पत्नी का निजी मामला है जिसमें किसी दूसरे का हस्तक्षेप नहीं है | दिन-बदिन तलाक की दरों में इजाफा ही हो रहा है , आज लड़की अपने पैरों पर खड़ी , अपने कैरियर बनाने की होड में वह अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान दे पाती है फिर वही से शुरुवार होती है संबंध-विच्छेदन का | तलाक लेना मानसिक व सामाजिक पीड़ा के साथ-साथ खर्चीला भी है और तलाक की प्रक्रिया इतनी लंबी होती है कि उसके बाद जीवन जीने का उत्साह ही क्षीण हो जाता है | पर विडंबना यह है कि इतनी सारी दिक्कतों के बाद भी आज हमारे समाज में तलाक के केस सबसे ज्यादा हो रहे हैं |

संगीता सिंह ‘भावना’

वाराणसी



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

15 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Jitendra Mathur के द्वारा
July 21, 2016

आप ठीक कह रही हैं संगीता जी । जब कोई भी सर्वगुणसंपन्न नहीं है तो एकदूजे के गुणों के साथ-साथ न्यूनताओं को भी अपनाना सीखना होता है । तभी गृहस्थ-जीवन रूपी वाहन सुचारु रूप से चल सकता है । वैवाहिक संबंध तो भावनाओं से जुड़ा है । तलाक तभी होना चाहिए जब वह अपरिहार्य हो जाए । यदि संतानें भी हों तो उनके विषय में विचार किए बिना तलाक संबंधी निर्णय लेना स्वार्थपरता ही है क्योंकि दाम्पत्य की कलह में वे तो सर्वथा निर्दोष होते हैं । सटीक लेख के लिए आपका अभिनंदन ।

sadguruji के द्वारा
July 28, 2016

आदरणीया संगीता सिंह ‘भावना’ जी ! बहुत अच्छा लेख ! ‘बेस्ट ब्लॉगर आफ दी वीक’ चुने जाने की बहुत बहुत बधाई !

achyutamkeshvam के द्वारा
July 31, 2016

आदरणीया संगीता सिंह ‘भावना’ जी ,बहुत अच्छा लेख ! ‘बेस्ट ब्लॉगर आफ दी वीक’ चुने जाने की बहुत बहुत बधाई .

Matilda के द्वारा
July 31, 2016

–Can you really trust the &#g8;612luten free’ label on a product? From what I understand these things are not that heavily regulated, especially with foods produce outside of the country. I’ve picked up quite a few products only to later find traces of gluten.

jlsingh के द्वारा
August 1, 2016

आदरणीया संगीत सिंह भावना जी, सर्वप्रथम आको साप्ताहिक सम्मान की बधाई! आपने बहुत ही अच्छे विषय पर अपने विचार रक्खे हैं, तलाक ठीक वैसा ही लगता है जैसे तड़ाक से किसी लकड़ी के टुकड़े का टूट जाना. आपने यह भी सही कहा है की आजकल सहनशीलता में कमी आयी है, समाज और परिवेश बदल रहा है, परिस्थितियां भी बदल रही है, जो समय के अनुसार परिवर्तन शील है उस पर व्यर्थ की चिंता भी बेकार है. कोशिश यही होनी चाहिए की सम्बन्ध बरक़रार रहे, साथ ही बहुत ही समझदारी के साथ सम्बन्ध बनाया जाय! सादर!

Blondy के द्वारा
August 1, 2016

Salut Alexandru…am si eu o intrebare despre yahoo.mess…crezi ca a-si putea gasi o metoda sa aflu ip-urile de pe care se conecteaza un id yahoo.messenger, pt. ca am patit sa se conecteze cineva pe id-ul meu fara sa fi dat parola cuiva. E posibil ca cineva dintre &#2#20;prietenii&88221; la calculatorul carora ma mai conectez sa aibe un keylogger si sa se foloseasca de el. Stiu ca .gmail are optiunea de a arata ip-urile la care ai fost conectat. Daca gasesti ceva, te rog sa imi spui. Ms anticipat!

संगीता सिंह 'भावना' के द्वारा
August 12, 2016

सादर धन्यवाद आपका

संगीता सिंह 'भावना' के द्वारा
August 12, 2016

उत्साह वर्धन के लिए अनंत धन्यवाद …..

संगीता सिंह 'भावना' के द्वारा
August 12, 2016

अनंत आभार सर

संगीता सिंह 'भावना' के द्वारा
August 13, 2016

अनंत  आभार  सर

sangeetasinghbhavna के द्वारा
August 15, 2016

क्या आप उस पेज का लिंक दे सकते हैं जहाँ जागरण ने बेस्ट ब्लॉग का सम्मान दिया है

sangeetasinghbhavna के द्वारा
August 15, 2016

क्या आप उस पेज का लिंक दे सकते हैं जहाँ जागरण ने बेस्ट ब्लॉग का सम्मान दिया

sangeetasinghbhavna के द्वारा
August 15, 2016

उत्साहवर्धन हेतु अनंत आभार सर ,प्लीज़ मुझे इस पेज का लिंक देने का कष्ट करें


topic of the week



latest from jagran